कृष्ण चन्द्र मिश्र जंगली शाकीय फसल अनुसंधान संस्थान
की
नियमावली

१. संस्था से अभिप्राय है कृष्ण चंद्र मिश्र जंगली शाकीय फसल अनुसंधान संस्थान
२. समिति से अभिप्राय है कार्यकारिणी समिति
३. पदाधिकारी से अभिप्राय है अध्यक्ष, निदेशक, सचिव, सहायक कोषाध्यक्ष
४. वर्ष से अभिप्राय है 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक।
५. ऐक्ट से अभिप्राय है सोसायटी रजिष्ट्रेशन ऐक्ट १८६०।

२- सदस्यता:-
प्रत्येक व्यक्ति जो संस्था के उद्देश्य एवं नियमों का पालन करते हो वे संस्था के सदस्य बन सकते हैं। सदस्यता हेतु आवेदन पत्र देना होगा! जिसकी स्वीकृति या अस्वीकृति कार्यकारिणी समिति द्वारा प्रदान की जाएगी। प्रत्येक सदस्य को कार्यकारिणी समिति द्वारा निर्धारित शुल्क देना होगा।

३- सदस्यता से विमुक्ति:-
क- स्वयं त्याग पत्र देने पर
ख- पागल या मृत्यु होने पर
ग- संस्था के नियम विरुद्ध आचरण करने पर
घ- 3 माह तक लगातार सदस्यता शुल्क नहीं देने पर
ङ- अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर
च- तीन लगातार बैठक में उपस्थित होने पर
छ- न्यायालय द्वारा दंडित होने पर

४- कार्यकारिणी समिति का गठन:-
क- संस्था की व्यवस्था प्रबंध कार्यकारिणी समिति करेगी इसमें पदाधिकारी सदस्य ८ सदस्य होंगे।
ख- समिति के पदाधिकारी एवं सदस्यों का चुनाव आम सभा में होगा।
ग- समिति का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। निवृत्त सदस्य पुनः निर्वाचित किए जा सकते है।
घ- समिति में कोई पद रिक्त होने पर समिति उप पद पर शेष अवधि के लिए किसी अन्य सदस्य को मनोनीत कर सकती है किंतु वार्षिक बैठक में उसका विधिवत चुनाव कराना होगा।

५- कार्यकारिणी समिति के अधिकार एवं कर्तव्य:-
क- सदस्यता स्वीकार या अस्वीकार करना।
ख- संस्था की संपत्ति का उत्तरदायी होना।
ग- बार्षिक विवरण तैयार करना एवं आम सभा में उपस्थापित करना।
घ- संस्था के उद्देश्य की पूर्ति के लिए अन्य वैधानिक कार्य करना।

६- पदाधिकारियों के अधिकार एवं कर्तव्य:-

अध्यक्ष:-
क- प्रत्येक बैठक में अध्यक्षता करना।
ख- संस्था के कार्य कार्य पर नियंत्रण रखना।
ग- विशेष परिस्थिति में किसी विषय पर अपना निर्णायक मत देना।



सचिव:-
क- प्रत्येक बैठक का आयोजन करना।
ख- सभी कार्यवाही अद्यतन रखना।
ग- संस्था के पंजी एवं कागजातों को सुरक्षित रखना।
घ- संस्था की ओर से पत्राचार करना।
ङ- समिति के पूर्व अनुमति से ₹200 तक ब्यय करना।
च- अध्यक्ष के अनुमति से अन्य कार्य करना।

निदेशक:-
इनके जिम्मे संस्था के उद्देश्य का प्रचार प्रसार करना तथा संस्था के कार्यक्रम को मार्गदर्शन करना।

सहायक-सह-कोषाध्यक्ष:-
क- आय-ब्यय का लेखा रखना तथा वार्षिक विवरण आम सभा की बैठक में प्रस्तुत करना।
ख- समिति द्वारा निर्धारित बैंक या डाक घर में संस्था के नाम से प्राप्त रकम को जमा करना तथा आवश्यकता पड़ने पर अपने और सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से निकासी करना।

७- आम सभा के अधिकार एवं कर्तव्य:-
क- समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का निर्वाचन करना।
ख- संस्था के आय व्यय लेखा पर विचार करना एवं स्वीकृति देना ।
ग- अंकेक्षक की नियुक्ति करना।
घ- संस्था के वार्षिक प्रतिवेदन एवं बजट की स्वीकृति देना।
ङ- अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषय पर विचार करना।

८- बैठक:-
क- समिति के बैठक प्रत्येक तीन माह में होगी ।
ख- आम सभा की बैठक प्रत्येक वर्ष जनवरी माह में होगी।
ग- विशेष या अत्यावश्यक बैठक कभी भी बुलाई जा सकती है।

९- वार्षिक बैठक:-
एक तिहाई सदस्यों के लिखित मांग पर सचिव को आवेदन में लिखित विषयों के निर्णय हेतु बैठक बुलाना होगा। यदि सचिव एक माह के अंदर बैठक नहीं बुलाएंगे तो आवेदकों को अधिकार होगा कि वे उक्त अवधि के बाद आवेदन में लिखित विषयों के निर्णय हेतु बैठक का आयोजन कर सकते हैं किंतु इसकी सूचना विधिवत सभी सदस्यों को दी जाएगी।

१०- सूचना:-
सामान्य बैठक की सूचना दस दिन पूर्व एवं आवश्यक बैठक की सूचना 48 घंटे पूर्व दी जाएगी सूचना डाक या पंजी द्वारा दी जाएगी।

११- कोरम:-
किसी भी बैठक के लिए कोरम उसके कुल सदस्यों का एक तिहाई होगा । कोरम पूर्ति नहीं होने पर बैठक स्थगित हो जाएगी किंतु समिति बैठक के लिए पुनः कोरम की आवश्यकता नहीं होगी और पूर्व निर्धारित विषयों पर ही विचार किया जाएगा।

१२- नियमावली में संशोधन:-
नियमावली में कोई भी संशोधन आम सभा के ३/५ सदस्यों द्वारा प्रस्तावित पारित करने पर ही किया जाएगा।

१३- आय का सोत्र:-
क- सदस्यता एवं प्रवेश शुल्क
ख- सरकारी अनुदान एवं ऋण
ग- विशेष चंदा एवं शुल्क

१४- निधि का अंकेक्षण:-
संस्था का आय-व्यय का लेखा समुचित रूप से रखा जाएगा और प्रतिवर्ष आम सभा द्वारा नियुक्त अंकेक्षक द्वारा अंकित किया जाएगा ।

१५- पंजी का निरीक्षण:-
संस्था का सभी पंजीयन निबंधित कार्यालय में रहेगी जहां कोई भी सदस्य सचिव के अनुमति से सदस्य पंजी, लेखा पंजी,एवं कार्यवाही पंजी का निरीक्षण कर सकते हैं।

१६- विघटन:-
क- अगर किसी कारणवश संस्था का विघटन करना पड़े तो विघटन आम सभा के ३/५ सदस्यों द्वारा प्रस्ताव पारित करने पर ही किया जाएगा।
ख- विघटन के पश्चात संस्था की सम्पत्ति जो ऋण इत्यादि चुकाने के बाद बचेगा वह किसी सदस्य के या सदस्यों में नहीं वितरित की जाएगी बल्कि किसी समान उद्देश्य वाली संस्था या सरकार को दे दी जाएगी ।यह निर्णय भी आम सभा के सदस्यों की समिति से किया जाएगा।

प्रमाणित किया जाता है कि यह नियमावली की सत्य प्रतिलिपि है ।

निदेशक ह o उमेश चन्द्र झा
सचिव ह o किशोर चन्द्र मिश्र
सहायक सह कोषाध्यक्ष ह o शंभु शरण बाजपेयी


यह सच्ची प्रतिलिपि है

बास्ते निबंधन महानिरीक्षक ,बिहार ।